भारत में 2016 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 4.1% कमी, मरने वालों की संख्या में 3.2% की बढ़ोतरी

भारत में 2016 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 4.1% कमी, मरने वालों की संख्या में 3.2% की बढ़ोतरी

भारत में 2016 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 4.1% कमी, मरने वालों की संख्या में 3.2% की बढ़ोतरी

भारत में 2016 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 4.1% कमी, मरने वालों की संख्या में 3.2% की बढ़ोतरी

 

श्री नितिन गडकरी ने ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं-2016’ रिपोर्ट जारी की

2017 की पहली छमाही की रिपोर्ट उत्साहवर्धक- सड़क दुर्घटनाओं में 3% गिरावट और मरने वालों की संख्या में 4.75% की गिरावट

देश में 2016 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में करीब 4.1 प्रतिशत गिरावट आई, इस दौरान 4,80,652 सड़क दुर्घटनाएं हुई जबकि 2015 में 5,01,423 सड़क दुर्घटनाएं हुई थी। हालांकि इसी अवधि के दौरान इन दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में 3.2 प्रतिशत वृद्धि हुई। 2016 में करीब 1,50,785 लोग मारे गए जबकि 2015 में इन दुर्घटनाओं में 1,46,133 लोगों की मृत्यु हुई थी। मंत्रालय के वार्षिक प्रकाशन ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं-2016’ को जारी करते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, नौवहन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि दुर्घटनाओं और उनमें मरने वालों की संख्या को देखते हुए सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के मामले में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है लेकिन ये आंकड़े उत्साहवर्धक हैं। यह प्रकाशन वर्ष 2016 के लिए सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों के पुलिस विभाग द्वारा दिए गए सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों का संग्रह है।

श्री नितिन गडकरी ने बताया कि 2017 की पहली छमाही के दुर्घटना संबंधी आंकड़ें  उत्साहवर्धक है इसमें जनवरी से जुलाई, 2017 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 3 प्रतिशत, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में 4.75 प्रतिशत की गिरावट आई है। जनवरी से जुलाई, 2017 के बीच सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 2,36,458 पर आ गई जबकि 2016 में इसी अवधि के दौरान यह 2,43,870 थी। इसी अवधि के दौरान दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या 2016 में 79,354 थी जो घटकर 2017 में 75,583 पर आ गई। 2017 की पहली छमाही में 25 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में कमी आई। केवल असम, बिहार, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में इस अवधि के दौरान 2-8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

2016 के दौरान देश में कुल सड़क दुर्घटनाओं का 86 प्रतिशत 13 राज्यों में देखने को मिला। ये राज्य हैं तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, गुजरात, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और हरियाणा। इसी प्रकार से 2016 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले कुल व्यक्तियों का 84 प्रतिशत उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा और बिहार में मारे गए।

प्रकाशन के अनुसार चेन्नई में सबसे अधिक (7,486) सड़क दुर्घटनाएं हुई। जबकि दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक व्यक्ति (1,591) मारे गए। 2016 में सड़क दुर्घटनाओं का शिकार 18-35 आयु वर्ग के युवाओं की संख्या 46.3 प्रतिशत (69,851 व्यक्ति) और 18-45 आयु वर्ग के लोगों की संख्या 68.6 प्रतिशत (1,03,409 व्यक्ति) थी जबकि 18-60 आयु वर्ग के लोगों की संख्या 83.3 प्रतिशत (1,25,583 व्यक्ति) थी।

प्रति लाख आबादी में दुर्घटनाओं की संख्या 2010 में 42.5 थी जो 2016 में घटकर 37.9 हो गई। प्रति लाख आबादी पर घायल व्यक्तियों की संख्या 2010 में 44.8 से घटकर 2016 में 39.0 हो गई। प्रति लाख आबादी में मरने वालों की संख्या मामूली रूप से बढ़कर 2016 में 11.9 हो गई जो 2010 में 11.4 थी। कुल सड़क दुर्घटनाओं का 29.6 प्रतिशत और सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए कुल व्यक्तियों का 34.5 प्रतिशत राष्ट्रीय राजमार्गों पर मारे गए।

वाहनों की श्रेणी में सबसे अधिक दुपहिया वाहन (33.8 प्रतिशत) सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए। इसके बाद कार, जीप और टैक्सियां (23.6 प्रतिशत), ट्रक, टैम्पों, ट्रैक्टर और अन्य वाहन (21.0 प्रतिशत), बस (7.8 प्रतिशत), ऑटो रिक्शा (6.5 प्रतिशत) तथा अन्य मोटर वाहन (2.8 प्रतिशत) सड़क दुर्घटनाओं की चपेट में आए। कुल सड़क दुर्घटनाओं की चपेट में आने  वाले दुपहिया वाहनों की संख्या 2015 में 28.8 प्रतिशत थी जो 2016 में बढ़कर 33.8 प्रतिशत हो गई।

श्री गडकरी ने बताया कि उनके मंत्रालय ने सड़कों पर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है। इसमें सुरक्षा बढ़ाने के लिए सड़क अभियांत्रिकी उपाय, बेहतर वाहन सुरक्षा मानक, चालकों और सामान्य जनता के लिए शिक्षा और जागरूकता, सड़क सुरक्षा कानून को लागू करना तथा दुर्घटना के बाद प्रतिक्रिया और ट्रॉमा केयर सुविधाओं को बढ़ाना शामिल हैं। मंत्रालय ने दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों की पहचान की है और उनमें सुधार किया है। श्री गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में लोकसभा के स्थानीय सांसद की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति जिले की सड़क स्थितियों में सुधार के लिए स्थानीय पॉलटेक्नीक छात्रों की मदद लेगी।

इस अवसर पर श्री गडकरी ने सड़क सुरक्षा पर वेबसाइट www.missionroadsafety.com  की शुरूआत की जिसे आईआईटी दिल्ली के छात्रों की मदद से तैयार किया गया है। यह वेबसाइट सड़क दुर्घटनाओं और उससे संबंधित जानकारियों के बारे में आंकड़ें प्रदान करेगी।

‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं-2016’ रिपोर्ट मंत्रालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।

रिपोर्ट के बारे में जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

PIB

Youth Darpan

Founder and CEO, Trilok Singh.
MA. POL.SCI (2015-17).
CEO/Owner at IASmind.com

Related Posts

Create Account



Log In Your Account