भाजपा अब शिवसेना से छुड़ाएगी पीछा, अकेले उतरेगी लोकसभा चुनाव में - YOUTH DARPAN
भाजपा अब शिवसेना से छुड़ाएगी पीछा, अकेले उतरेगी लोकसभा चुनाव में

भाजपा अब शिवसेना से छुड़ाएगी पीछा, अकेले उतरेगी लोकसभा चुनाव में

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महाराष्ट्र में भाजपा ने अपने सबसे पुराने सहयोगी शिवसेना से पीछा छुड़ाने का मन बना लिया है। भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी जिस तरह से कर रही, उससे साफ है कि महाराष्ट्र में अकेले दम पर चुनाव लड़ सकती है। दरअसल पिछले कई वर्षों से शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्भव ठाकरे और उनकी पार्टी के मुख पत्र सामना ने गठबंधन में होते हुए भी भाजपा की नीतियों और कार्यशैली पर सार्वजनिक रूप कठघरे में खड़ा किया है। इतना ही नहीं शिवसेना नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी नहीं बक्शा। इससे भाजपा की छवि पर सीधा असर हुआ। इस बीच महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद नगर निगमों के चुनाव में भी पूरे प्रदेश में भाजपा को मिली भारी सफलता ने गठबंधन तोडऩे की पृष्ठभूमि तैयार कर दी।

सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने पहले ही इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। दो सप्ताह पहले भाजपा के संयुक्त महासचिव सौधन सिंह मुंबई आए और उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ चर्चा की। पार्टी को लगता है कि शिवसेना से गठबंधन तोडऩे से चुनाव के बाद लोकसभा में उसकी संख्या बढ़ जाएगी और ठाकरे की आलोचना और धमकी से भी पार्टी मुक्त हो जाएगी।

2014 में जब भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए शिवसेना के साथ गठबंधन किया था तो भाजपा ने 24 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें 23 जीत गई थी, वहीं शिवसेना 20 सीटों पर लड़कर 18 जीत पाई थी। भाजपा का मानना है कि शिवसेना को 18 सीटें इसलिए मिलीं, क्योंकि गठबंधन में उनके साथ थी। और वे नरेन्द्र मोदी के कारक के कारण जीत गए।

नई दिल्ली में भाजपा नेताओं की बैठक में चर्चा की गई कि हम शिवसेना की उन सीटों पर ध्यान देंगे, जहां उसके जीत-हार का अंतर कम था और जहां भाजपा का प्रभाव अधिक है और शिवसेना को यह सफलता भाजपा से गठबंधन के कारण मिली। बैठक में पार्टी के नेताओं को पहले ही मजबूत उम्मीदवारों की पहचान करने के लिए कहा गया है। साथ ही यह कहा गया है कि उम्मीदवार के लिए एकमात्र पात्रता मानदंड होना चाहिए, ताकि वह जीत की गारंटी दे सके।

एक भाजपा नेताओं ने स्वीकार किया कि यह एक चुनौती होगा। अकेले जाने का मतलब लोकसभा चुनाव के लिए तीन पार्टियों का सामना करना पड़ेगा, ैक्योंकि मैदान में शिवसेना के अलावा कांग्रेस और एनसीपी होगी। हालांकि यह मुश्किल लग सकता है, लेकिन किया जा सकता है, यही कारण है कि हमने पहले से ही सबसे अच्छे संभावित उम्मीदवारों की पहचान करने के लिए एक प्रक्रिया शुरू कर दिया है।

Sonia Singh

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