प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि शांति और विकास के लिए सहयोग जरूरी है। विश्व में शांति स्थापित किए बिना न तो विकास संभव है और बातचीत। मोदी ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए कहा कि आज विश्व के समक्ष आतंकवाद बड़ी चुनौती है और यही मुख्य मुद्दा भी है। आतंकवाद को खत्म किए बिना हम दूसरी चुनौती का मुकाबला कैसे कर सकते हैं। वह सोमवार चीन के श्यामन शहर में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन 2017 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ब्रिक्स कल्चरल फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स के बिजनस काउंसिल की मीटिंग में भी लेंगे हिस्सा। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

इससे पहले चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि हमारी सहभागिता के बिना बहुत सी वैश्विक चुनौतियों का हल सफलतापूर्वक नहीं संभव है। राष्ट्रपति शी ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय मतभेदों के बावजूद ब्रिक्स के सभी 5 देश विकास के एक ही स्तर पर हैं। उन्होंने कहा कि विश्व के साथ हमारे नजदीकी रिश्ते की यह जरूरत है कि हम ग्लोबल गवर्नेंस में बढ़चढ़ कर भाग लें। बिजनस ऑपरेशन और बैंक के विकास के लिए चीन एनडीबी प्रॉजेक्ट में 4 मिलियन डॉलर का योगदान देगा।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और विकास से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हमें एक साथ एक आवाज में बोलना होगा। जब विश्व में इतने बदलाव हो रहे हैं तो क्चक्रढ्ढष्टस् का सहयोग इस वक्त और महत्वपूर्ण बन गया है।