Parkash Mehta October 25, 2017

गुजरात विधानसभा चुनाव में 15 साल में पहला बाद भाजपा बिना नरेंद्र मोदी के मैदान में उतर रही है। गत पाटीदार नेता और अल्पेश ठाकोर से मिले झटकों से असहज हुई भाजपा के लिए आम आदमी पार्टी (आप) परोक्ष रूप से बड़ी सहायक के रूप में सामने आई है। आप ने 11 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है, उनमें से 10 सीटें ऐसी हैं जहां पटेल और ओबीसी आरक्षण की वजह से भाजपा के लिए सीट बचाना मुश्किल होगा।

गुजरात में ये ऐसी सीटें हैं, जहां इन आंदोलनों का सीधा असर पार्टी पर पड़ सकता है। इन 11 सीटों में 5 सीटें वे हैं, जहां पिछले चुनाव में भाजपा 5000 वोटों के अंतर से ही जीती थी। इन सीटों में बापूनगर, लाठी, छोटा उदयपुर, पडरा और कर्जन हैं। एक भाजपा नेता ने बताया कि पाटीदार और ओबीसी आंदोलनों की वजह से ये 11 सीटें पार्टी के लिए चुनौती बन गई हैं। ऐसे में उम्मीद है कि आप उम्मीदवार यहां कांग्रेस के वोट काटने का काम करेंगे और इसकी सीधा फायदा भाजपा को होगा।

गुजरात में दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा लगातार पांचवीं बार राज्य में अपनी जीत दर्ज करने की कोशिश में है। ऐसे में भाजपा राज्य में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने एक नई रणनीति बनाई है। भाजपा की बड़ी विरोधी रही आप भी इसमें अहम रोल निभा सकती है।

इस बारे में आप के प्रवक्ता और स्टेट मीडिया कॉर्डिनेटर हर्शील नायक ने बताया कि ये सभी दावे निराधार हैं। उन्होंने कहा, पंजाब चुनाव में हमारी हार के बाद पार्टी एक रणनीति पर काम कर रही है। इस रणनीति के तहत पार्टी उन सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जहां हमारे पास अच्छे उम्मीदवार हैं और हमारी पार्टी का आधार मजबूत है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने अभी तक सिर्फ 11 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। 50 उम्मीदवारों के बारे में पार्टी में चर्चा की जा रही है। अगर कांग्रेस को लगता है कि हम भाजपा की मदद कर रहे हैं तो मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या हमारे उम्मीदवार न खड़े करने पर कांग्रेस यह चुनाव जीत सकती है? उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी उम्मीदवारों का चुनाव करने के लिए कठिन नियम बना रही है।

गुजरात के प्रभारी गोपाल राय के हवाले से नायक ने बताया कि हम भाजपा के विरोधी हैं। हमें चुनाव लडऩे का लोकतांत्रिक अधिकार है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा को टक्कर देने के लिए हमारे पास कोई आधार नहीं है, ऐसी स्थिति में यदि कांग्रेस हमें आश्वासन दे कि वह भाजपा को हरा देगी तो हम और उम्मीदवार नहीं खड़े करेंगे, मगर कांग्रेस यह तय नहीं कर सकती कि हमें चुनाव लड़े या न लड़ें।

हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन मोधवाडिया ने कहा कि आप भाजपा की बी टीम के तौर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आप ने 11 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है। मुझे पूरा भरोसा है कि आप इनमें से कोई भी सीट नहीं जीतेगी। इनके ज्यादातर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जाएगी। हालांकि इस कारण हमें इन सीटों पर काफी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि अगर आप सचमुच भाजपा को कड़ी टक्कर देना चाहती है तो वह कांग्रेस से क्यों लड़ रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी राजकोट पश्चिम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। रुपानी के सामने कांग्रेस के युवा विधायक इंद्रनील राज्यगुरु मैदान में हैं। वहीं आप के राजेश कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं।

एक अन्य कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा इनमें से ज्यादातर सीटें जीत सकती हैं, क्योंकि भाजपा को यहां आप, एनसीपी और जनविकल्प पार्टी से काफी मदद मिल रही है। जन विकल्प कांग्रेस के पूर्व नेता शंकर सिंह वाघेला की पार्टी है। कांग्रेस नेता का कहना है कि ये पार्टियां यदि कांग्रेस 1000-1000 वोट भी काटने में कामयाब रहीं तो भाजपा के लिए जीतना मुश्किल नहीं होगा। इस बारे में जब भाजपा के राज्य प्रमुख जीतू वघानी से बात की गई तो उन्होंने दावों को पूरी तरह नकारते हुए इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।