विवादित दक्षिण चीन सागर में ‘फ्रीडम ऑफ नैविगेशन’ को सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका यहां नियमित गश्त पर विचार कर रहा है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, महीने में कम से कम 2 से 3 बार पट्रोलिंग की जा सकती है। गौरतलब है कि दक्षिण चीन सागर पर चीन अपना अधिकार जताता रहा है और आक्रामक रवैये को लेकर उसका कई देशों के साथ विवाद चल रहा है। न्यूज पेपर के मुताबिक, बराक ओबामा प्रशासन के औपचारिक रुख के उलट अमेरिका अब चीन के दावे के खिलाफ अधिक मजबूती दिखाना चाहता है। अमेरिकी अधिकारियों ने यह बताने से इनकार किया कि कब और कहां गश्त की जाएगी, लेकिन यह जरूर कहा कि यूएस पसिफिक कमांड ने अगले कुछ महीनों तक महीने में 2 या 3 कथित ‘फ्रीडम ऑफ नैविगेशन’ ऑपरेशन का प्लान तैयार किया है।

जर्नल ने कहा है कि पट्रोलिंग में अमेरिकी सैन्य एयरक्राफ्ट और अमेरिकी नेवी के जंगी जहाजों को शामिल किया जाएगा। जनवरी में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद से अमेरिका ने 3 ‘फ्रीडम ऑफ नैविगेशन’ ऑपरेशन्स को अंजाम दिया जाएगा। पिछली बार अमेरिका का जंगी बेड़ा यूएसएस जॉन एस मैक्कैन सिंगापुर के पास समुद्र में एक मालवाहक जहाज से टकरा गया था जिसमें 10 नाविकों की मौत हो गई थी। ओबामा कार्यकाल के दौरान यूएस नेवी ने इस तरह के 4 ऑपरेशन्स को अंजाम दिया था। दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा जताने वाले चीन ने यहां कृत्रिम द्वीप, पोर्ट, रनवे जैसी सुविधाओं का विकास किया है। चीन पूरे सागर पर अधिकार जताता है, जिसके रास्ते सालाना 5 ट्रिल्यन का कारोबार होता है। यह तेल और गैस का भी बड़ा भंडार है।  बता दें कि दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन का वियतनाम, फिलीपींस, मलयेशिया, ताइवान और अन्य कई देशों के साथ विवाद चल रहा है। चीन और अमेरिका में भी इसको लेकर कई बार तीखी बयानबाजी हो चुकी है। हालांकि, अप्रैल में अमेरिकी और चीनी राष्ट्रपति के बीच हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आया है।