Sunil Kumar Kumar September 22, 2017

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पटियाला में मुख्यमंत्री के महल के पास किसानों के प्रदर्शन को लेकर कानून-व्यवस्था सुनिश्चत करने को कहा है। हाईकोर्ट ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां पंचकूला जैसी स्थिति न बने। इसके लिए स त कदम उठाए जाएं। दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि वह पटियाला में किसानों को शहर से पांच किलोमीटर दूर एक जगह प्रदर्शन और धरने की अनुमति देने के लिए तैयार है। हाईकोर्ट में इस मामले पर आज सुनवाई हुई। पंजाब सरकार और किसान यूनियन की तरफ हाईकोर्ट में अपने-अपने पक्ष रखे गए। पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि वह किसानों को पटियाला शहर से बाहर पांच किलोमीटर की दूरी पर शांतिपूर्ण धरना और प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए उनको जिला उपायुक्त से अनुमति लेनी पड़ेगी।

दूसरी ओर, किसान यूनियन के वकील ने कहा कि वह इस बात की गारंटी लेते हैं कि पटियाला शहर में किसी भी तरह की हिंसा नहीं होने दी जाएगी। हाईकोर्ट ने उनका पक्ष रिकॉर्ड करते हैं मामले की सुनवाई सोमवार तक स्थगित कर दी। बता दें कि कर्ज माफी को लेकर किसान संगठनों के मुख्यमंत्री आवास के घेराव की ऐलान किया है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसानों का जमा होना कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है। इस संबंध में बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कानून-व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई। याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र, पंजाब, सहित किसान नेताओंं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

पटियाला निवासी मोहित कपूर के एडवोकेट रणजीत सिंह सैनी ने हाईकोर्ट में कहा कि पंजाब में किसानों ने कर्ज माफी को लेकर मु यमंत्री के पटियाला आवास के घेराव का आह्वान किया है। लाखों की सं या में किसान पटियाला पहुंच रहे हैं, जो शहर की कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में बुधवार को डीजीपी पंजाब को तलब किया था।